बहुत जाना पहचाना विषय है मेरे लिए और मै अपना खुद का कार्य आप सभी के साथ शेयर कर रही हूं।ये मैं खुद भी कर रही हूं और बहुत सी महिलाओं को भी इसके बारे में बताया वो भी ये काम कर रही है। इसलिए इसके बारे में बताने से पहले थोड़ा सा परिचय दूंगी अपना मै पहले प्राइवेट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में कक्षा 10 तक विज्ञान विषय पढ़ाती थी और जब मेरे बेटे का जन्म हुआ तो मुझे ये कार्य छोड़ना पड़ा।और अगर एक बार आप अपने पैरो पर खड़े हो जाते है तो फिर बिना काम के भी रहना भी बेहद मुश्किल हो जाता है।क्योंकि खुद के दम पर कुछ अलग करने का मजा ही कुछ अलग होता है तो मै लग गई घर से ही कोई कार्य की तलाश में जिससे मुझे अच्छी कमाई भी हो जाए और मेरे समय का भी सदुपयोग हो जाए।मैंने गूगल पर सभी साइट्स छान डाली लेकिन मुझे कई दिनों तक ऐसा कोई काम नहीं दिखा जिस पर विश्वास कर सकते थे।एक दिन मुझे साइट्स देखते हुए मेरे ही शहर की स्थानीय लोगो द्वारा तैयार बेडशीट्स कि तस्वीर दिखाई दी।फिर मेरे दिमाग में विचार आया कि क्यों ना में अपने ही शहर में तैयार प्रसिद्ध आइटम को दूसरे शहरों में बेच दूं। मै जयपुर से हूं तो जयपुर में मिलने वाले जयपुरी प्रिंट में मैने काम करना शुरू किया।जयपुरी प्रिंट एक प्रसिद्ध छपाई की कलाकारी है जो कॉटन के वस्त्रों पर की जाती है।बेडशीट्स, साड़ी,कुर्ता,स्कर्ट और भी बहुत कपड़ों पर।
और आजकल मोबाइल का जमाना है और हर महिला के पास मोबाइल होता है तो मैंने फेसबुक पर ग्रुप बनाया और धीरे धीरे मोबाइल नंबर के माध्यम से एक बहुत बड़ा वॉट्सएप ग्रुप बन गया।एक ब्रॉडकास्ट लिस्ट बनाकर प्रतिदिन उनको अपडेट करना मेरा कार्य हो गया था।मै प्रतिदिन अपने काम को समय से ऐसे वक्त देती थी जैसे हम बाहर कमाने जाते है तब समय के पाबन्द होते है।
मैंने बहुत मेहनत की अपने काम में।बाजार में जाकर कम दाम में अच्छी क्वालिटी की वस्तुएं खरीदकर फिर उनको घर पर बेहतर क्वालिटी की पिक्चर ली और उनको अन्य महिलाओं तक शेयर करना मेरा प्रतिदिन का कार्य हो गया था।
कुछ दिनों तक कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला फिर पहली बार तमिलनाडु की कस्टमर मुझसे जुड़ी।और उसके बाद धीरे धीरे भारत के कई राज्यो से महिलाए मुझसे जुड़ गई और सभी शहरों तक मै अपना प्रोडक्ट बेचने लगी।धीरे धीरे बहुत सी महिलाए मुझसे जुड़ती चली गई और वो भी मेरे प्रोडक्ट को आगे बेचकर खुद भी आमदनी करने लग गई।धीरे धीरे मैंने अमेज़न,फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के साथ काम करना शुरू किया।
मई 2017 से 8000 से जो काम शुरू किया था मैंने वो दिसंबर 2019 तक मैंने 30 लाख के प्रोडक्ट बेच दिए थे।ये कोई कठिन कार्य नहीं है।इसमें कोई भी महिला अपने हुनर से तैयार कोई भी वस्तु,या अपने ही शहर से संबंधित कोई प्रसिद्ध कारीगरी वाली वस्तु को बेचकर भी यें कार्य कर सकती है।कुछ भी प्रोडक्ट हो सकता है घर से सम्बन्धित,फैशन से संबंधित,साज सज्जा से संबंधित,खान पान से संबंधित वस्तु भी हो सकती है। इसका पेमेंट मुझे पेटीएम,और बैंक ट्रांसफर द्वारा महिलाए कर दिया करती थी।
मेरी सफलता के मूल योगदान
1.सबसे पहला मूल मंत्र मैंने ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रखा।
2.बिजनेस ऐसी वस्तु से शुरू किया जो मूल्य में सभी वर्ग की पहुंच तक था
3.पूरे धेर्य और ईमानदारी के साथ काम किया
4.वस्तु पर मेरा लाभ(मार्जिन) बहुत ही कम रखा जिससे कि आगे भी महिलाए अपना मार्जिन जोड़ कर कमा सके जिससे कि वस्तु की मूल्य ज्यादा ना हो पाए।
5.कभी भी क्वालिटी के साथ समझौता नहीं किया।
6.कस्टमर के साथ हमेशा मित्रवत व्यवहार किया।
7.सतर्कता और सावधानी के साथ कार्य किया।
अंत में ये ही कहना चाहूंगी कि आज के समय में सिर्फ पुरुष की कमाई से घर चलाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है क्योंकि जरुरते ज्यादा होने लगी तो महिलाएं भी अगर अपने आप पर पूर्ण विश्वास रखे तो अपने आप को हर मुकाम पर साबित कर सकती है।और परिवार को आर्थिक सहारा दे सकती है।
प्रियंका गौड़ जयपुर राजस्थान
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