देश गीत- राजेश मृदुल



भारत मां के लाल हैं हम भारत मां के लाल हैं।

सहिष्णुता के ध्वज वाहक हैं शौर्य सुयश महिपाल हैं।।

भारत मां •••••••••।।


सदाचार के सिद्ध समर्थक सतपथ के अनुगामी हैं।

सहनशीलता के द्योतक हैं न्याय धर्म परिणामी हैं।

संस्कार गौरव मर्यादा विनम्रता के भाल हैं।।

भारत मां ••••••••।।


समरसता स्वच्छंद रहे सद्भाव सुगंधित उपवन हो।

अपनेपन की गलबहियां में वसुधा का हर जीवन हो।

मानवता के पोषक हैं हम दानवता के काल हैं।।

भारत मां •••••••••••।।


जियो और जीने दो को जो आहत करने आएगा।

पार न हमसे पाएगा निश्चय ही मुंह की खाएगा।

बाल न बांका कर पाएगा हम अकाट्य वो ढाल हैं।।

भारत मां •••••••••••।।


ऐसे तो सीधे सादे हैं हम तो भोले भाले हैं।

प्रेम पुजारी कहलाते हैं अपने ढंग निराले हैं।

अगर कोई छेड़े हमको विषधर भुजंग हैं ब्याल हैं।।

भारत मां •••••••••••।।


जब चाहो जैसे चाहो हम हँस कर होड़ लगा लेंगे।

सागर की गहराई से अम्बर तक दौड़ लगा लेंगे।

हमको हल्के में ना लेना हम तो बेमिसाल हैं।।

भारत मां •••••••••।।


दुश्मन आँख दिखाए मां को तो चुप कैसे रह सकते?

कोई अगर सताए मां को तो हम कैसे सह सकते?

भोले को भोले हैं बैरी भय को विकट कराल हैं।।

भारत मां •••••••••••।।


दिखते हैं मासूम मृदुल निर्बल का भाव जगा लेना।

गफलत मन में पाल विजय के सपने नहीं सजा लेना।

परखच्चे उड़ जाएंगे टकराकर तुंग विशाल हैं।।

भारत मां ••••••••••।।


      राजेश मृदुल 

    9140328015